Smart Electricity Meter: बिहार सरकार द्वारा राज्य के नागरिकों के लिए एक क्रांतिकारी पहल की शुरुआत की गई है। 1 अगस्त 2025 से लागू होने वाली इस अभिनव योजना के माध्यम से घरेलू उपभोक्ताओं को प्रत्येक माह 125 यूनिट तक की बिजली बिल्कुल मुफ्त प्रदान की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य आम जनता को बिजली की बढ़ती लागत से राहत दिलाना और डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देना है।
इस नवीन व्यवस्था में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपयोगकर्ताओं को सर्वप्रथम प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। जिन परिवारों की मासिक विद्युत खपत 125 यूनिट की सीमा के भीतर रहती है, उन्हें किसी भी प्रकार का रिचार्ज करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। परंतु यदि उपभोग इस निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है, तो मीटर में नकारात्मक बैलेंस प्रदर्शित होगा और तुरंत रिचार्ज कराना अनिवार्य होगा, अन्यथा विद्युत आपूर्ति स्वचालित रूप से बंद हो जाएगी।
राज्य प्रशासन का दीर्घकालीन लक्ष्य पूरे बिहार में पुराने पारंपरिक मीटरों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर आधुनिक स्मार्ट मीटर स्थापित करना है। ये अत्याधुनिक उपकरण मोबाइल रिचार्ज के समान सिस्टम पर काम करेंगे, जिसमें उपभोक्ता पहले से पैसा जमा करके बिजली का इस्तेमाल कर सकेंगे।
बिलिंग व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन
नई व्यवस्था के अंतर्गत सरकार सीधे स्मार्ट मीटर में 125 यूनिट का क्रेडिट डालेगी। पोस्टपेड ग्राहकों के मामले में उनके मासिक बिल से 125 यूनिट की राशि अपने आप कट जाएगी। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अनुसार बिलिंग प्रक्रिया को भी पूर्णतः संशोधित किया गया है। अब जिस तारीख को उपभोक्ता का बिल तैयार होगा, उसी आधार पर 125 यूनिट की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
यदि किसी परिवार की पूरे महीने की खपत 125 यूनिट से भी कम रहती है, तो उन्हें कोई भी बिजली का बिल नहीं देना पड़ेगा। इससे छोटे परिवारों और कम आय वाले वर्गों को विशेष लाभ होगा।
दर संरचना और अतिरिक्त शुल्क
नई नीति के तहत प्रारंभिक 125 यूनिट पूर्णतः निःशुल्क होंगे। जो उपभोक्ता 126 यूनिट या इससे अधिक बिजली का उपयोग करेंगे, उन्हें अतिरिक्त यूनिट के साथ-साथ निर्धारित फिक्स्ड चार्ज एवं इलेक्ट्रिक ड्यूटी का भुगतान करना अनिवार्य होगा।
विभिन्न श्रेणियों के लिए दर निम्नलिखित है:
- ग्रामीण कुटीर उपभोक्ता: 2.45 रुपये प्रति यूनिट
- शहरी घरेलू श्रेणी: 5.52 रुपये प्रति यूनिट
- शहरी घरेलू श्रेणी-3: 5.42 रुपये प्रति यूनिट
योजना के व्यापक लाभ
इस महत्वपूर्ण योजना से प्रदेश के लाखों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की प्रबल संभावना है। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि स्मार्ट मीटर तकनीक के माध्यम से बिजली वितरण में पारदर्शिता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, अवैध बिजली कनेक्शन और चोरी की घटनाओं में काफी कमी आएगी, और सामान्य जनता पर बिजली बिल का बोझ भी काफी कम हो जाएगा।
यह पहल न केवल आर्थिक राहत प्रदान करती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है, क्योंकि यह लोगों को बिजली की बचत के लिए प्रेरित करेगी।