Berojgari Bhatta Scheme: आज के युग में भारतीय समाज में बेरोजगारी एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है। विशेष रूप से शिक्षित युवा वर्ग जो उच्च शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात भी उचित रोजगार के अवसर नहीं पा सकते, उनकी समस्याओं के समाधान हेतु विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा अनेक जन-कल्याणकारी योजनाओं का प्रारंभ किया गया है। इन्हीं योजनाओं में से एक प्रमुख योजना “बेरोजगारी भत्ता योजना” है।
योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का प्राथमिक लक्ष्य उन सुशिक्षित नवयुवकों को आर्थिक संबल प्रदान करना है जिन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण की है परंतु उपयुक्त नौकरी की तलाश में हैं। यह योजना न केवल युवाओं की मौद्रिक आवश्यकताओं की पूर्ति करती है अपितु उन्हें कौशल संवर्धन के माध्यम से रोजगार के नवीन अवसर भी उपलब्ध कराती है।
राज्य में निरंतर विकसित होती बेरोजगारी की स्थिति को देखते हुए यह योजना एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाती है। इसके अंतर्गत केवल मौद्रिक सहायता ही नहीं बल्कि व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधा भी प्रदान की जाती है।
आर्थिक सहायता की व्यवस्था
बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत योग्य लाभार्थियों को मासिक आधार पर धनराशि प्रदान की जाती है। इस योजना में महिला अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें ₹4500 प्रति माह की सहायता राशि दी जाती है, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों के लिए यह राशि ₹4000 मासिक निर्धारित की गई है।
यह आर्थिक सहायता अधिकतम 24 महीनों तक निरंतर प्रदान की जाती है। इस राशि का भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किया जाता है, जो पारदर्शिता और तीव्रता सुनिश्चित करता है।
कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। सरकार द्वारा तीन महीने का निःशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाता है। यह प्रशिक्षण दैनिक चार घंटों की अवधि में संपन्न होता है और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुकूल विषयों को सम्मिलित किया गया है। युवा अपनी अभिरुचि के अनुसार सूचना तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल विपणन, संचार तकनीक, बैंकिंग सेवाओं एवं अन्य तकनीकी क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त कर सकते हैं।
पात्रता के नियम एवं शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित योग्यताओं का होना आवश्यक है:
शैक्षणिक योग्यता: आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान से न्यूनतम स्नातक की उपाधि अथवा समकक्ष डिप्लोमा होना आवश्यक है।
आयु सीमा: आवेदनकर्ता की आयु 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
पारिवारिक आय: पारिवारिक वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
रोजगार की स्थिति: आवेदक पूर्णतः बेरोजगार होना चाहिए तथा वर्तमान में उसके पास किसी भी प्रकार का रोजगार नहीं होना चाहिए।
निवास: आवेदक संबंधित राज्य का मूल निवासी होना चाहिए।
आवेदन की प्रक्रिया
बेरोजगारी भत्ता योजना के लिए आवेदन की संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की जाती है। इच्छुक अभ्यर्थी एकल साइन-ऑन (एसएसओ) पोर्टल पर पंजीकरण कराकर योजना हेतु आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है: आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आकार का फोटो एवं हस्ताक्षर की डिजिटल प्रति।
योजना का महत्व एवं भविष्य
बेरोजगारी भत्ता योजना शिक्षित युवाओं के लिए एक समग्र समाधान प्रस्तुत करती है। यह न केवल उनकी तत्काल आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति करती है बल्कि भविष्य में स्थायी रोजगार के अवसरों का मार्ग भी प्रशस्त करती है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।